उन्होंने टूर्नामेंट की शुरुआत आंसुओं के साथ की, फिर मैदान पर उतरने के चंद मिनटों में ही इतिहास दोबारा लिख दिया। अपने पहले गोल के बाद लियो मेसी अपनी भावनाएं छिपा नहीं पाए और मैच खत्म होने के बाद उन्होंने सीधे और सरल शब्दों में इसकी वजह बताई। मेसी ने बाद में कहा, "मैं क्यों रोया? यह फुटबॉल से बिल्कुल अलग बात थी।" फिर वह मैदान पर लौटे और अकेले दम पर अल्जीरिया को तहस-नहस कर दिया। 38 साल की उम्र में उन्होंने करियर की पहली वर्ल्ड कप हैट्रिक लगाई और अर्जेंटीना ने खिताब के बचाव की शुरुआत 3-0 की जीत से की।

मेसी को रोकने के लिए मशीन गन चाहिए क्या? ऐतिहासिक हैट्रिक और टूटे रिकॉर्ड

यह कोई आम शाम नहीं थी। अल्जीरिया के खिलाफ मुकाबला राष्ट्रीय टीम के लिए मेसी का 200वां मैच था और वह आधिकारिक तौर पर छह अलग-अलग वर्ल्ड कप में खेलने वाले पहले पुरुष फुटबॉलर बन गए। उनके तीन गोल से वर्ल्ड कप में उनके गोलों की संख्या 16 हो गई, जिससे वह जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोजे की बराबरी पर आकर टूर्नामेंट के सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ गोलस्कोरर बन गए और 15 गोल वाले ब्राजील के रोनाल्डो तीसरे स्थान पर खिसक गए। अब वह वर्ल्ड कप इतिहास में हैट्रिक लगाने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी हैं, यह रिकॉर्ड उन्होंने क्रिस्टियानो रोनाल्डो से छीना है।

मेसी को रोकने के लिए मशीन गन चाहिए क्या? ऐतिहासिक हैट्रिक और टूटे रिकॉर्ड

मैच से पहले उन्हें लेकर कई सवाल उठ रहे थे। पिछले महीने ही अपने क्लब इंटर मियामी के लिए खेलते हुए मांसपेशियों की समस्या के कारण उन्हें जल्दी बाहर बुलाना पड़ा था और उनकी फिटनेस पर खुलकर संदेह जताया जा रहा था। आखिर में जवाब स्कोरबोर्ड पर दिख गया। वर्ल्ड कप के पहले दिन 38 साल के खिलाड़ी की हैट्रिक उन सभी को करारा जवाब थी, जिन्होंने उन्हें खारिज करने में जल्दबाजी की थी। खास बात यह है कि वह रिकॉर्ड्स को अपने सामान्य शांत अंदाज में लेते हैं, दिग्गजों से तुलना को सम्मान की बात बताते हैं, लेकिन साथ ही कहते हैं कि निजी तौर पर उनके लिए इसके मायने ज्यादा नहीं हैं।

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उसी रात किलियन एम्बाप्पे और अर्लिंग हालांड ने भी दो-दो गोल दागे, फिर भी सुर्खियों में अर्जेंटीना के सितारे ही रहे। यह हैट्रिक ठीक 20 साल पहले उस दिन आई, जब उन्होंने 2006 में अपना पहला वर्ल्ड कप गोल किया था।

अब अगला मुकाबला ऑस्ट्रिया से है। जो खिलाड़ी टूर्नामेंट की शुरुआत भावुक होकर रोने और हैट्रिक के साथ करे, उसके बारे में कोई सवाल बाकी नहीं रहता। वह सब कुछ साबित कर चुके हैं। अब हम बस यह देख रहे हैं कि वह और कितना आगे जा सकते हैं।