बड़ी ट्रॉफी के 60 साल के इंतजार और अटलांटा में अर्जेंटीना के हाथों वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में मिली हार के बाद थॉमस टूखेल ने नेशंस लीग के चार मुकाबलों का इस्तेमाल इंग्लैंड को पूरी तरह नए सिरे से तैयार करने के लिए किया है। वर्ल्ड कप में जरूरत से ज्यादा डिफेंसिव रणनीति के लिए आलोचना झेलने वाले इस जर्मन कोच ने 33 साल के कप्तान हैरी केन को टीम के केंद्र में बनाए रखा है। केन ने चेक रिपब्लिक पर 3-0 की जीत में अपना 125वां कैप हासिल किया और इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा मैच खेलने के मामले में पूर्व गोलकीपर पीटर शिल्टन की बराबरी कर ली। साथ ही उनके गोलों की संख्या 91 हो गई, जो वेन रूनी के 53 गोलों से 38 ज्यादा है। कप्तान के इर्द-गिर्द चार खिलाड़ियों का अटैक बना है, जिसमें अब बार्सिलोना के एंथनी गॉर्डन, क्रोएशिया में दो गोल दागने वाले बुकायो साका और 23 साल के जूड बेलिंगहैम विपक्षी टीमों के लिए सबसे बड़ा खतरा बने हुए हैं।

टीम में जगह के लिए कड़ी होड़ है। चेल्सी के प्लेमेकर कोल पामर को स्क्वॉड में चुना गया था, लेकिन मांसपेशियों की मामूली चोट के कारण वे हट गए। उनकी जगह आए नॉटिंघम फॉरेस्ट के मॉर्गन गिब्स-व्हाइट ने बुलावे पर अपनी फैमिली हॉलिडे तक बीच में छोड़ दी। मिडफील्ड में टूखेल को वाकई मजबूत विकल्प मिले हैं। बॉर्नमाउथ के 23 साल के एलेक्स स्कॉट ने क्रोएशिया पर 7-0 की बड़ी जीत में इंग्लैंड के लिए पहले स्टार्ट में शानदार खेल दिखाया, लेकिन वे जांघ की परेशानी के साथ खेले थे, जिसकी वजह से चेक रिपब्लिक के खिलाफ मैच से बाहर हो गए और उनके दो महीने तक बाहर रहने की आशंका है। आर्सेनल के मिडफील्ड लीडर डेक्लन राइस की गैरमौजूदगी में मैनचेस्टर सिटी के 116 मिलियन पाउंड में साइन किए गए इलियट एंडरसन और एवर्टन के जेम्स गार्नर ने जिम्मेदारी संभाली। मिडफील्ड में बढ़ती होड़ पर पूछे जाने पर टूखेल ने कहा, "क्या डेक्लन अब भी मेरी टीम में एक पक्का नाम हैं? हां, लेकिन कुछ और खिलाड़ी आ रहे हैं और प्रभावित कर रहे हैं, यह लगातार चलने वाली होड़ है।"

रणनीति में सबसे अहम मोड़ रियल मैड्रिड के डिफेंडर ट्रेंट अलेक्जेंडर-अर्नोल्ड की वापसी रही। मई 2025 में टूखेल ने उनके डिफेंस पर खुलकर सवाल उठाए थे। उस वक्त इस जर्मन कोच ने चेताया था, "अगर वे इंग्लिश राष्ट्रीय टीम में यह असर छोड़ना चाहते हैं, तो उन्हें डिफेंस वाले हिस्से को बहुत, बहुत गंभीरता से लेना होगा। क्योंकि जब हम खासकर क्वालिफाइंग फुटबॉल और फिर टूर्नामेंट फुटबॉल की बात करते हैं, तो डिफेंस की एक गलती, एक ऐसा पल जब आप 100 फीसदी चौकस नहीं हैं, निर्णायक हो सकता है। यही वह पल हो सकता है जब आप अपना सूटकेस पैक करके घर लौट जाएं।" इस सख्त रुख और वर्ल्ड कप टीम से बाहर रखने के बावजूद टूखेल ने इस डिफेंडर को वापस बुलाया। 27 साल के अलेक्जेंडर-अर्नोल्ड ने भरोसे का सिला प्राग में एंथनी गॉर्डन के गोल में असिस्ट देकर और वेम्बली में 30 गज से मारी गई घुमावदार फ्री-किक से चुकाया, जिस पर गोलकीपर को शॉट बचाना पड़ा। दूसरे फ्लैंक पर मैनचेस्टर सिटी के निको ओ'रेली के चोटिल होने के बाद न्यूकैसल के 22 साल के लुईस हॉल ने लेफ्ट-बैक की जगह भरी। उन्होंने हाल ही में क्लब के साथ अपना कॉन्ट्रैक्ट 2031 तक बढ़ाया है। हॉल और गॉर्डन की सधी हुई जोड़ी ने इंग्लैंड को बाईं ओर से नई रफ्तार दी और इसका असर नतीजों में दिखा: टूखेल के मार्गदर्शन में इंग्लैंड ने नेशंस लीग के अपने चार मैचों में 14 गोल दागे और तीन बार क्लीन शीट रखी।
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