फीफा ने मियामी की एक संघीय अदालत में दाखिल अपनी अर्जी में यूरोपीय फुटबॉल की संचालन संस्था यूएफा पर अपने अध्यक्ष जियानी इन्फैंटिनो के खिलाफ उत्पीड़न और गलत सूचना का सुनियोजित अभियान चलाने का आरोप लगाया है। यूएफा ने वर्ल्ड कप में हिस्सेदारी निजी निवेशकों को बेचने की नाकाम योजना से जुड़े दस्तावेजों तक पहुंच मांगी थी और इन्फैंटिनो पर टूर्नामेंट के हितों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था। फीफा के वकीलों ने दाखिल जवाब में दलील दी, "यूएफा का आचरण दिखाता है कि उसकी अर्जी बदनीयती से और उत्पीड़न के मकसद से दी गई थी।"

यूएफा के यह ऐलान करने के बाद कि उसका इन्फैंटिनो पर से पूरी तरह भरोसा उठ चुका है और वह 2027 के अध्यक्ष पद के चुनाव में प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार उतारने की योजना बना रहा है, यह विवाद और गहरा गया है। फीफा के मुताबिक यूरोपीय संस्था की अर्जी का मकसद चुनावी दौड़ पर अनुचित दबाव बनाना है। इन्फैंटिनो की मुश्किलें बढ़ाते हुए प्रीमियर लीग और यूरोप की तीन अन्य बड़ी लीगें भी इस मामले में कूद पड़ी हैं और फीफा के संचालन ढांचे में बुनियादी बदलाव की मांग कर रही हैं। अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की आधिकारिक आखिरी तारीख 18 नवंबर है।
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