फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैंटिनो ने ज्यूरिख में हुई साढ़े तीन घंटे की फीफा काउंसिल की बैठक में सदस्यों से माफी मांगी। मामला फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज प्रोजेक्ट का है, जिसके तहत संगठन के कमर्शियल अधिकार एक प्राइवेट इन्वेस्टमेंट फर्म को सौंपने की योजना है। इन्फैंटिनो ने कहा, "सबसे पहले मैंने फीफा फॉरवर्ड एंटरप्राइज प्रोजेक्ट से जुड़ी संवाद और सलाह-मशविरा प्रक्रिया में हुई अपनी गलतियों के लिए माफी मांगी।" इंग्लैंड के फुटबॉल एसोसिएशन (एफए) की चेयर और फीफा की उपाध्यक्ष डेबी हेविट ने जोर देकर कहा कि इन्फैंटिनो अहम सवालों के जवाब देने में नाकाम रहे।

तनाव अब चरम पर पहुंच गया है। हेविट ने साफ शब्दों में कहा, "मुझे लगता है कि उन्हें इन सवालों के जवाब देने होंगे और अगर वह इन सवालों के जवाब नहीं देते, तो नहीं, वह फीफा अध्यक्ष बनने के लायक नहीं हैं।" बैठक में डोनाल्ड ट्रंप के दखल के बाद अमेरिका के फॉरवर्ड फोलारिन बालोगुन का रेड कार्ड रद्द किए जाने और ट्रंप को फीफा पीस प्राइज देने के फैसले पर भी चर्चा हुई। यूएफा ने अमेरिकी अदालतों में इन्फैंटिनो के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है, जबकि मार्च में होने वाले चुनाव में इन्फैंटिनो को चुनौती देने के लिए आर्सेन वेंगर के नाम पर विचार हो रहा है। उम्मीदवारों के पास आगे आने के लिए 18 नवंबर तक का समय है और अध्यक्ष पद का फैसला आखिर में फीफा के 211 सदस्य संघों के वोट से होगा।
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