एक ही सीजन में 61 गोल। रॉबर्ट लेवांडोव्स्की का 55 गोल का रिकॉर्ड हवा में उड़ गया। हैरी केन 2026 वर्ल्ड कप में ऐसे आंकड़े लेकर उतर रहे हैं, जिन पर यकीन करना मुश्किल है। 32 साल की उम्र में इंग्लैंड का यह फॉरवर्ड अपने करियर के शिखर पर है — वह न सिर्फ थ्री लायंस यानी इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम के कप्तान हैं, बल्कि विश्व फुटबॉल के सबसे घातक फिनिशर भी हैं, और यह टूर्नामेंट उनके करियर का सबसे यादगार पल बन सकता है।

म्यूनिख में रिकॉर्ड सीजन
बायर्न म्यूनिख में केन का आखिरी सीजन इतिहास के पन्नों में दर्ज होने लायक रहा। उन्होंने जर्मनी के मुख्य घरेलू कप DFB-पोकल के फाइनल में हैट-ट्रिक जमाकर घरेलू डबल पक्का किया। इसी सीजन में वह आधिकारिक मैचों में 500 गोल के पार पहुंचे — ऐसा करने वाले पहले इंग्लिश खिलाड़ी। और पेनल्टी स्पॉट से तो वह बिल्कुल अचूक रहे, बुंदेसलीगा में अपनी सभी 24 पेनल्टी गोल में बदलकर उन्होंने प्रतियोगिता का सर्वकालिक रिकॉर्ड बना दिया। बायर्न में उनके कोच विंसेंट कोम्पनी के मुताबिक केन की रेंज की कोई सीमा नहीं है। वह ऐसे स्ट्राइकर हैं जो 25 मीटर दूर से भी गोल कर सकते हैं और हवा में डिफेंडरों पर भारी पड़ते हैं।
प्रायोजित
बैलोन डी'ओर और उनकी संभावनाएं
कप्तान अपनी महत्वाकांक्षा छिपाते नहीं। फ्रांस के खेल दैनिक L'Equipe से केन ने कहा, "अगर हमने वर्ल्ड कप जीता, तो मुझे यकीन है कि मैं दौड़ में सबसे आगे रहूंगा।" उनका कहना है कि उनके लिए देश पहले आता है। फिर भी मेसी और रोनाल्डो के दौर को सालों तक देखने के बाद वह मानते हैं कि बैलोन डी'ओर अब उनका भी सपना बन गया है। दिलचस्प बात यह है कि वह अपने बायर्न साथी माइकल ओलिसे को भी इसी पुरस्कार का दावेदार बताते हैं — और फिर जोड़ते हैं कि आखिर में फैसला हमेशा मैदान ही करता है।

टुखेल का दौर और इंग्लैंड की नई उम्मीद
इंग्लैंड थॉमस टुखेल की अगुआई में उत्तरी अमेरिका जा रहा है, और केन के लिए आशावादी होने की यही बड़ी वजह है। वह जर्मन कोच के तरीकों को अच्छी तरह जानते हैं और मानते हैं कि टुखेल ने टीम को वही जीत की मानसिकता दी है, जिसकी कमी थी। क्वालिफाइंग रिकॉर्ड खुद बोलता है: आठ में से आठ जीत, हर मैच में क्लीन शीट, एक भी गोल नहीं खाया। दावेदार? इससे इनकार करना मुश्किल है। फिर भी दिग्गज जॉन बार्न्स शांति बरतने की सलाह देते हैं। उनका कहना है कि सीधे ट्रॉफी की मांग करना ठीक नहीं है, और खिताब से चूकने को आपदा नहीं कहा जाना चाहिए।

लिनेकर के रिकॉर्ड से दो गोल दूर
केन पहले ही इंग्लैंड के सर्वकालिक सबसे बड़े गोलस्कोरर हैं। अब एक और पड़ाव उनके बेहद करीब है: वर्ल्ड कप में गैरी लिनेकर के 10 गोल का रिकॉर्ड। वह आठ गोल पर हैं, और एक दमदार टूर्नामेंट उन्हें आसानी से इसके पार ले जाएगा, जो करने का उन्हें पूरा भरोसा है। मिरोस्लाव क्लोजे के सर्वकालिक 16 गोल अभी भी दूर लग सकते हैं, लेकिन इस इंग्लिश स्ट्राइकर की भूख पर कोई सवाल नहीं।
केन के लिए बैलोन डी'ओर इस शानदार सीजन पर चेरी जैसा होगा। वेन रूनी उन्हें इंग्लैंड का अब तक का सबसे बेहतरीन नंबर नौ बता चुके हैं, जबकि मैनुअल नॉयर ने उन्हें गोल के सामने पूरा किलर कहा।
क्या ये शब्द सिर्फ तारीफ बनकर रह जाएंगे, या केन वह कर दिखाएंगे जो इंग्लैंड ने आखिरी बार 1966 में किया था? उत्तरी अमेरिका बताएगा कि खेल के सबसे भरोसेमंद गोलस्कोररों में से एक आखिरकार फुटबॉल के अमर खिलाड़ियों में अपनी जगह बनाता है या नहीं।




