नाइकी की कैंपेन फिल्म को यूट्यूब पर 76 मिलियन व्यूज मिल चुके हैं। एडिडास का वीडियो सात मिलियन पर अटक गया। डिजिटल दुनिया का यह फासला पहले ही सेकंड से मुकाबले की तस्वीर साफ कर देता है। फिर भी ब्रांड्स के बीच असली जंग स्क्रीन से कहीं दूर लड़ी जा रही है।

व्यापक रिपोर्ट्स के मुताबिक एडिडास ने अपने अभियान पर 50 मिलियन पाउंड की भारी-भरकम रकम झोंकी है, जिसका मकसद लियोनेल मेसी, जिनेदिन जिदान और एआई से तैयार डेविड बेकहम को एक ही फ्रेम में साथ लाना था। दूसरी ओर, नाइकी "रिप द स्क्रिप्ट" कैंपेन और किलियन एमबाप्पे के साथ पूरे दमखम से मैदान में उतरी है। कंपनी के वाइस-प्रेसिडेंट कैमिलो आंद्रादे बताते हैं, "बदलाव संस्कृति की रफ्तार और उसके स्वरूप में आया है।"

मेसी या एमबाप्पे? मैदान से बाहर दिग्गजों की जंग

वर्चुअल अखाड़े में हार के बावजूद न्यूयॉर्क की सड़कों पर जर्मन दिग्गज का कब्जा दिख रहा है। सोहो में एडिडास का स्टोर पहले ही सिर से पांव तक वर्ल्ड कप के रंगों में रंगा है, जबकि नाइकी की नजर फिलहाल एनबीए फाइनल्स पर टिकी है। टूर्नामेंट की किट के आंकड़े में भी जर्मन ब्रांड आगे है: 14 राष्ट्रीय टीमें बनाम 12। बदले में अमेरिकी ब्रांड का तुरुप का इक्का क्रिस्टियानो रोनाल्डो हैं, जिनका सालाना कॉन्ट्रैक्ट 18 मिलियन डॉलर का है।

प्रायोजित
MYBC स्पोर्ट्सबुक पहले डिपॉज़िट पर $10 फ्री बेट एक मिनट में MYBC पर रजिस्टर करें और इसे क्लेम करें। रजिस्टर करें
मेसी या एमबाप्पे? मैदान से बाहर दिग्गजों की जंग

आज फुटबॉल सिर्फ एक मैदान नहीं रह गया है। यह फैशन है। यह म्यूजिक है। यह डिजाइन है। जूड बेलिंगम जैसे सितारे फाइनल सीटी बजने के बाद भी लंबे समय तक सुर्खियों में बने रहते हैं। कौन ज्यादा बेचेगा? इसका पक्का जवाब तभी मिलेगा, जब वर्ल्ड कप की ट्रॉफी आसमान की ओर उठेगी।