पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो विरोध जताते हुए कोपेनहेगन में टीम होटल से निकल गए और प्राइवेट जेट से मैड्रिड पहुंच गए। नॉर्वे के खिलाफ UEFA नेशंस लीग में पुर्तगाल की 2-1 की जीत में मैनेजर जॉर्ज जीसस ने 41 साल के इस फॉरवर्ड को पूरे 90 मिनट बेंच पर बिठाए रखा, जिसके बाद उनकी नाराजगी फूट पड़ी। रोनाल्डो ने इंस्टाग्राम पर लिखा, "नेशनल टीम के मैनेजर की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद और पुर्तगाली फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष से बातचीत के बाद मैंने नेशनल टीम का ट्रेनिंग कैंप छोड़ने का फैसला किया। उचित समय पर मैं पुर्तगाल के लोगों को सच बताऊंगा।"

जीसस ने उसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसी भी मतभेद से साफ इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि कोई टकराव नहीं है और रणनीति से जुड़े फैसले सिर्फ उनके हैं। रोनाल्डो के जाने के बाद डेनमार्क के खिलाफ राफेल लेआओ नंबर 7 की जर्सी पहनेंगे। रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए 234 मैचों में 146 गोल किए हैं और करियर के 1,000 गोल से सिर्फ 21 गोल दूर हैं। फिर भी उनके इस तरह कैंप छोड़ने से इस पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं कि क्या वह कभी दोबारा पुर्तगाल की जर्सी पहन पाएंगे।
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