लगातार दो बार की regning चैंपियन PSG, जिसने पिछले मई में पेनल्टी शूटआउट में आर्सेनल को हराकर खिताब बरकरार रखा था, को नए सीजन के ड्रॉ में एक बार फिर बेहद कठिन मुकाबले मिले हैं। यूरोपीय फुटबॉल की संचालन संस्था ने नए फॉर्मेट के तीसरे सीजन के लिए एक बार फिर 36 क्लबों को एक विशाल लीग में शामिल किया है, जिसमें हर टीम आठ अलग-अलग प्रतिद्वंद्वियों से भिड़ेगी। यह ढांचा पहले ही राउंड से पूरी ताकत झोंकने की मांग करता है। ड्रॉ खत्म होते ही मीडिया ने इसी हकीकत को पकड़ा: "होल्डर PSG के सामने UCL लीग फेज की कड़ी चुनौती, बायर्न म्यूनिख ओल्ड ट्रैफर्ड जाएगा।" अपने खिताब के बचाव में पेरिस की टीम को बार्सिलोना, रोमा, तुर्की के चैंपियन गलाताज़राय और स्लोवाकिया के स्लोवान ब्रातिस्लावा की मेजबानी करनी होगी, जबकि अवे मुकाबलों में उसे दो बार इंग्लैंड जाना है, मैनचेस्टर सिटी और एस्टन विला के खिलाफ। 2025 में अपनी पहली ऐतिहासिक जीत की राह में PSG ने इन दोनों को हराया था। फ्रांसीसी दिग्गज टीम स्पेन में विलारियाल और इटली में कोमो भी जाएगी, जिसके कोच दिग्गज सेस्क फैब्रेगास हैं।

ड्रॉ में टीमों को चार सीडिंग पॉट में बांटा गया और हर क्लब को हर पॉट से दो प्रतिद्वंद्वी मिले, एक घरेलू मैदान पर और एक बाहर। इसी सिद्धांत की वजह से पॉट वन के दिग्गज अब सीधे एक-दूसरे से भिड़ेंगे, जबकि पुराने सिस्टम में एक ही पॉट की टीमें ग्रुप स्टेज में आमने-सामने नहीं आ सकती थीं। PSG की तरह आर्सेनल के सामने भी कठिन कार्यक्रम है। पिछले सीजन की फाइनलिस्ट टीम उत्तरी लंदन में रियल मैड्रिड, डॉर्टमुंड और लील की मेजबानी करेगी, लेकिन उसकी सबसे कड़ी परीक्षा बाहर होगी। बायर्न म्यूनिख, सेविला के रियल बेतिस, नापोली और स्लाविया प्राग के दौरे में आर्सेनल से सर्वोच्च एकाग्रता की मांग होगी। लंदन में अजरबैजान की चौंकाने वाली टीम साबा भी आएगी, जो चार मुश्किल क्वालिफाइंग राउंड पार कर ऐतिहासिक लीग फेज तक पहुंची है।

सूत्रों के मुताबिक आंदोनी इराओला लिवरपूल के नए मैनेजर हैं, जो फुटबॉल विशेषज्ञों के लिए कुछ हैरानी की बात है, क्योंकि आमतौर पर उनका नाम किसी और क्लब से जोड़ा जाता रहा था। मर्सीसाइड की टीम अपने मैदान पर एटलेटिको मैड्रिड, पोर्तो, विलारियाल और लेंस की मेजबानी करेगी और इंटर, क्लब ब्रुग, फेनरबाचे और ऑस्ट्रिया की डेब्यूटेंट टीम LASK के घर जाएगी, जिसने सेल्टिक के खिलाफ शानदार प्ले-ऑफ जीत से अपनी जगह पक्की की। वहीं मैनचेस्टर सिटी को केविन डी ब्रुइन की वापसी का इंतजार है, जब वह नापोली की मेजबानी करेगी, हालांकि उसकी सबसे बड़ी परीक्षा बाहर बार्सिलोना में कैटालान दिग्गजों के खिलाफ होगी। मैनचेस्टर यूनाइटेड की राह अलग और कहीं ज्यादा नाटकीय है। पॉट वन से बाहर रही रेड डेविल्स घर पर बायर्न, रोमा, लाइपजिग और साबा से खेलेगी, जबकि एटलेटिको मैड्रिड और फैब्रेगास की कोमो के घर पर अंक जुटाना बेहद मुश्किल होगा।
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खास नजर उन नए चेहरों पर है जो यूरोपीय फुटबॉल के पारंपरिक क्रम को बिगाड़ रहे हैं। इटली की शीर्ष लीग सीरी A की खोज कोमो और अजरबैजान की साबा इसी श्रेणी में आती हैं। पिछले साल नॉर्वे के चैंपियन रहे वाइकिंग पहली बार चैंपियंस लीग के मुख्य चरण में पहुंचे हैं और उन्हें तुरंत ग्लैमर से भरा कार्यक्रम मिला है, जिसमें बायर्न, एटलेटिको, विला और नापोली से भिड़ना होगा। इसी बीच तुर्की की दिग्गज फेनरबाचे 2008/09 सीजन के बाद पहली बार मुख्य चरण में लौटी है। सूत्रों में एक विसंगति भी दिखती है, जहां एस्टन विला को पिछले सीजन का यूरोपा लीग विजेता बताया गया है, जबकि ट्रॉफी असल में किसी और टीम को मिली थी। यह मीडिया में घूम रही तथ्यात्मक गलतियों का उदाहरण है। बर्मिंघम का यह क्लब डॉर्टमुंड की मेजबानी करेगा और बार्सिलोना, गलाताज़राय और फेनरबाचे जाएगा।

बचे रहने की यह मैराथन 8 सितंबर 2026 से जनवरी 2027 तक चलेगी, जिसमें 36 में से सिर्फ शीर्ष आठ टीमें सीधे राउंड ऑफ 16 में पहुंचेंगी। बाकी, यानी 25वें से 36वें स्थान पर रहने वाली टीमें जनवरी में ही यूरोपीय प्रतियोगिता से बाहर हो जाएंगी, न कोई प्ले-ऑफ और न दूसरा मौका। फुटबॉल जगत सांस थामकर शनिवार का इंतजार कर रहा है, जब UEFA कार्यक्रम की सटीक तारीखों का ऐलान करेगा। इसके बाद ही मैड्रिड के मेट्रोपोलिटानो की ओर निर्णायक कदम शुरू होंगे, वही स्टेडियम जहां 5 जून 2027 को यूरोप के नए फुटबॉल बादशाह का ताज पहनाया जाएगा।





