अमेरिका की महिला बास्केटबॉल टीम ने वर्ल्ड कप में अपनी जीत का सिलसिला लगातार 35 मैचों तक पहुंचा दिया। फाइनल में उसने फ्रांस को 97-79 से हराकर लगातार पांचवां गोल्ड मेडल जीता, जो किसी भी देश के लिए पहली बार है। इस जीत के साथ अमेरिका के नाम कुल 12वां वर्ल्ड खिताब भी दर्ज हो गया। हालांकि फाइनल तक का सफर आसान बिल्कुल नहीं रहा। ग्रुप स्टेज में इटली और सेमीफाइनल में स्पेन पर मुश्किल से मिली जीत ने बड़े बदलावों से गुजरी इस टीम की कमजोरियां उजागर कर दी थीं, और बर्लिन में पहले हाफ में अटैक में तेज और धारदार दिख रही फ्रेंच टीम ने गत चैंपियन को हर अंक के लिए जूझने पर मजबूर किया।

दूसरे हाफ की कहानी अलग रही, जब अमेरिकी अनुभवी खिलाड़ियों ने खेल पर पकड़ बना ली और उसे कभी हाथ से जाने नहीं दिया। ब्रेआना स्टीवर्ट ने 22 अंक बरसाए और तीसरी बार टूर्नामेंट की सबसे मूल्यवान खिलाड़ी (MVP) चुनी गईं। इसके बाद उन्होंने पूरे भरोसे के साथ कहा, "हम ही स्टैंडर्ड हैं।" जैकी यंग और काहलिया कॉपर ने क्रमशः 18 और 15 अंक बनाकर उनका साथ दिया। आखिरकार इस नतीजे ने रिकॉर्ड बुक में भी अपनी जगह बना ली: स्टीवर्ट अब सू बर्ड के साथ इतिहास की इकलौती खिलाड़ी हैं, जिन्होंने चार वर्ल्ड कप खिताब जीते हैं।
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