स्पेन की राजधानी में नए बने स्ट्रीट सर्किट मैड्रिंग में हुई स्पेनिश ग्रां प्री में जीत किमी एंटोनेली के नाम रही। इटली के इस ड्राइवर ने सीज़न की अपनी आठवीं जीत दर्ज की। मैकलारेन के ब्रिटिश ड्राइवर लैंडो नॉरिस 15वें लैप में वर्चुअल सेफ्टी कार की वजह से मात खा गए। यह ऐसा न्यूट्रलाइज़ेशन होता है, जिसमें पूरी फील्ड को रफ्तार धीमी करनी पड़ती है और कुछ ही सेकंड में पिट-स्टॉप की पूरी योजना बिगड़ सकती है। नॉरिस पोल पोज़िशन से रेस में सबसे आगे चल रहे थे, लेकिन समय रहते पिट लेन तक नहीं पहुंच सके और तीसरे स्थान पर खिसक गए। रेस के बाद उन्होंने अपनी किस्मत को शायद ही यकीन करने लायक बताया। एंटोनेली ने नतीजे को सजाने-संवारने की कोशिश नहीं की। उन्होंने माना, "यह जीत अधूरी सी लगती है।" उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी के दुर्भाग्य का ज़िक्र किया और कहा कि लैंडो इसके हकदार थे। इस नतीजे के बाद यह इटैलियन ड्राइवर स्टैंडिंग्स में टीममेट जॉर्ज रसेल से 81 अंक आगे हो गया।

रेस की निर्णायक घटनाओं में से एक पहले ही लैप में हुई, जब मैक्स वर्सटैपेन और लुईस हैमिल्टन के बीच व्हील-टू-व्हील भिड़ंत हुई। रेड बुल के ड्राइवर ने शिकेन काट दिया और उनके रेस इंजीनियर जियानपिएरो लैम्बियासे ने उन्हें तुरंत पोज़िशन लौटाने का निर्देश दिया। इस फैसले से वर्सटैपेन बेहद नाराज़ हो गए। रेडियो पर उन्होंने मैड्रिड ग्रां प्री को "मिकी माउस रेस" करार दिया और बाद में कहा कि अपनी लाइन पर टिके रहते तो टक्कर टाली नहीं जा सकती थी। हैमिल्टन ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि यह बस अच्छी और कड़ी रेसिंग थी। आखिर में फेरारी के इस ड्राइवर की रेस सातवें लैप में ब्रेक फेल होने से खत्म हो गई, जबकि वर्सटैपेन ने दूसरे स्थान पर चेकर्ड फ्लैग लिया।

45 साल बाद फॉर्मूला 1 की मैड्रिड में वापसी, जो 1981 के बाद पहली बार हुई, से काफी उम्मीदें थीं। ग्रैंडस्टैंड्स 3,50,000 दर्शकों के स्वागत के लिए बनाए गए थे, मगर आयोजकों के सामने हकीकत कुछ और ही रही। स्थानीय निवासियों ने शोर और पर्यावरण को हुए नुकसान को लेकर प्रदर्शन किए। इसके बाद मैड्रिंग के लेआउट की ड्राइवरों और पैडॉक दोनों ने खुलकर आलोचना की। ओवरटेकिंग के मौके लगभग न के बराबर थे और रेस इतनी सपाट रही कि प्रतिस्पर्धियों ने सर्किट डिज़ाइन को बेमतलब बताया और माना कि कॉकपिट में ही उन्हें नींद आने का खतरा था।
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