इंजन बजट कैप $190 मिलियन से घटाकर आधा और कारें 80 किलो हल्की — FIA ने 2030 या 2031 में V8 टर्बो-हाइब्रिड इंजन की वापसी की योजना औपचारिक रूप से पेश कर दी है। यह प्रस्ताव 2026 के नियमों की कड़ी आलोचना के बाद आया है, जिनमें इंटरनल कंबशन इंजन और बैटरी के बीच 50-50 का बराबर बंटवारा तय किया गया था। मैक्स वरस्टैपेन ने इस फॉर्मेट को "स्टेरॉयड पर फॉर्मूला E" करार दिया था।

'स्टेरॉयड पर फॉर्मूला E' से 900 हॉर्सपावर के V8 तक: F1 में इंजन क्रांति की तैयारी

नई योजना के तहत एनर्जी-रिकवरी आउटपुट 350kW से घटकर 200kW रह जाएगा और इंजन की गर्जना लौट आएगी। नए V8 की क्षमता 2.0 से 2.3 लीटर के बीच होगी, यह पूरी तरह सस्टेनेबल फ्यूल पर चलेगा और कुल मिलाकर करीब 900 हॉर्सपावर पैदा करेगा। इंजीनियर इंजन बनाने के दो तरीकों पर विचार कर रहे हैं: मौजूदा 1.6 लीटर यूनिट में दो सिलेंडर जोड़ना, या पूरी तरह स्टैंडर्डाइज्ड, बाहर से सप्लाई होने वाला बेस अपनाना।

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