डबलिन के दो निवासियों पर 10 साल तक की जेल का खतरा मंडरा रहा है। उन पर कॉनर मैक्ग्रेगर की सिविल अपील में झूठे हलफनामे (एफिडेविट) दाखिल करने का आरोप है। 38 साल की सामंथा ओ'रेली और 39 साल के स्टीवन कमिंस को आयरलैंड की राष्ट्रीय पुलिस जांच इकाई गार्डा नेशनल ब्यूरो ऑफ क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद दोनों डबलिन डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में जज मिशेल फिनान के सामने पेश हुए, जहां उन पर औपचारिक रूप से झूठी गवाही (परजरी) का आरोप लगाया गया। 2024 में निकिता हैंड ने हाई कोर्ट में मैक्ग्रेगर के खिलाफ अपना सिविल केस जीता था और उन्हें 2,48,603 यूरो का हर्जाना मिला था। इसके बाद आयरिश फाइटर ने हैंड के पूर्व पड़ोसियों, यानी इसी जोड़े, के सबूतों के सहारे फैसले को पलटवाने की कोशिश की।

अदालतों ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ऑफ अपील की सुनवाई शुरू होते ही मैक्ग्रेगर की कानूनी टीम ने हैंड को आई चोटों और उनके शरीर पर पड़े निशानों से जुड़े पड़ोसियों के हलफनामे वापस ले लिए, और बाद में अपील पूरी तरह खारिज कर दी गई। जज फिनान ने दोनों आरोपियों को इस शर्त पर जमानत दी कि वे हर बुधवार अपने स्थानीय पुलिस स्टेशन में हाजिरी लगाएंगे और गवाहों से कोई संपर्क नहीं करेंगे। आखिर में, इस मामले की सुनवाई जूरी के सामने होगी: दोनों को 9 नवंबर को फिर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश होना है, जब अभियोजन पक्ष सबूतों की किताब (बुक ऑफ एविडेंस) सौंपेगा, इसके बाद मामला ट्रायल के लिए भेजा जाएगा।
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