2026 वर्ल्ड कप में क्वार्टर फाइनल स्टेज पर आठ टीमें बची हैं। शुरुआती आकलन के मुताबिक, मुकाबलों और टीमों के मौकों का हाल यह है।

फ्रांस बनाम मोरक्को: फ्रांस शानदार फॉर्म में उतर रहा है और उसका अटैक पूरी रफ्तार में है। व्यक्तिगत क्वालिटी और तालमेल भरे पासिंग गेम का मेल उसकी सबसे बड़ी ताकत है। हालांकि, मोरक्को को भेदना आसान नहीं है। कॉम्पैक्ट शेप, अडिग डिफेंस और तेज काउंटर अटैक उसकी पहचान हैं। फिर भी फ्रांस की क्लास और बेंच की मजबूती उसे आगे बढ़ने का दावेदार बनाती है।

स्पेन बनाम बेल्जियम: स्पेन पूरे टूर्नामेंट में लगातार एक जैसा खेल दिखाता रहा है और गेंद पर कब्जे के दम पर मैचों को अपने कंट्रोल में रखता है। बेल्जियम का खतरा अलग किस्म का है, उसके पास ऐसे अटैकर हैं जो अकेले या मिलकर विपक्षी टीम को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
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नॉर्वे बनाम इंग्लैंड: नॉर्वे की टीम अच्छी तरह तैयार है और उसका प्लान साफ है। वह भरोसेमंद डिफेंस पर टिकी है और मौके मिलने पर उन्हें भुनाती है। इसके उलट इंग्लैंड के पास टूर्नामेंट के सबसे संतुलित स्क्वाड में से एक है, जिसमें रणनीतिक लचीलापन है और बेंच भी मजबूत है। पीछे उसका बड़ा काम अर्लिंग हालैंड को रोकना होगा, जबकि नॉर्वे की उम्मीदें इस पर टिकी हैं कि उसके मिडफील्डर हालैंड तक गेंद पहुंचा पाएं।

अर्जेंटीना बनाम स्विट्जरलैंड: regning वर्ल्ड चैंपियन अपने मिडफील्ड की क्रिएटिविटी और लियोनेल मेसी के गोलों पर काफी निर्भर है। स्विट्जरलैंड अर्जेंटीना की सप्लाई लाइन काटने, कॉम्पैक्ट रहने और सेट पीस का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेगा। अर्जेंटीना की व्यक्तिगत प्रतिभा स्विस टीम के लिए बड़ी चुनौती साबित होनी चाहिए, लेकिन उसके लिए मुकाबला आसान रहने की कोई गारंटी नहीं है।




